पटना: धानुक समाज को एक सूत्र में जोड़ने, सामाजिक जागरूकता फैलाने और अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में “धानुक जोड़ो यात्रा” का आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य समाज के लोगों को जोड़ना, उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान के प्रति जागरूक करना रहा।
यह यात्रा गाँव-गाँव, टोला-टोला होते हुए लोगों से संवाद करती चली, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता देखने को मिली। जगह-जगह सभाओं, संवाद कार्यक्रमों और जनसंपर्क के माध्यम से समाज की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा हुई।
नेतृत्व और सहभागिता
इस अभियान का मार्गदर्शन अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। प्रमुख रूप से शामिल रहे —
वीरेंद्र मंडल — राष्ट्रीय अध्यक्ष
डॉ. नारायण मंडल — राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
उमानाथ मंडल — वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता
एन मंडल — राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह कला संस्कृति मंत्री
भरत मंडल —
शिव कुमार मंडल
बिशेश्वर मंडल
महेश कुमार मंडल
राजन मंडल
प्रेम मंडल
प्रमोद मंडल
सियाराम मंडल — बिहार प्रदेश अध्यक्ष
सुभाष मंडल — पूर्व बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष
एन. मंडल का वक्तव्य
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं कला-संस्कृति मंत्री एन. मंडल ने कहा —
“धानुक जोड़ो यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं है, यह समाज को उसकी पहचान, उसकी शक्ति और उसके अधिकारों से जोड़ने का अभियान है। जब तक हम संगठित नहीं होंगे, तब तक हमारी आवाज़ मजबूत नहीं होगी। शिक्षा, संगठन और जागरूकता — यही हमारे समाज की असली ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा —
“हमारा उद्देश्य किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने समाज के हक़, सम्मान और भविष्य के लिए है। धानुक समाज मेहनती है, प्रतिभाशाली है — ज़रूरत है तो बस उसे एक मंच, एक दिशा और एक आवाज़ देने की।”
यात्रा के मुख्य उद्देश्य
धानुक समाज को सामाजिक और राजनीतिक रूप से संगठित करना
शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूकता फैलाना
सरकारी योजनाओं की जानकारी गाँव-गाँव पहुँचाना
सामाजिक भेदभाव, शोषण और कुरीतियों के खिलाफ चेतना जगाना
युवाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करना
समाज में प्रभाव
इस यात्रा से समाज में नई ऊर्जा और एकता की भावना पैदा हुई है। कई स्थानों पर लोगों ने संगठन से जुड़ने की इच्छा जताई और युवाओं ने आगे आकर सामाजिक कार्यों में भागीदारी का संकल्प लिया।
दूसरा चरण 2026 में
आयोजकों ने घोषणा की कि धानुक जोड़ो यात्रा का दूसरा चरण वर्ष 2026 में पुनः शुरू किया जाएगा, जिसमें अधिक क्षेत्रों तक पहुँच, संगठनात्मक विस्तार और युवाओं-महिलाओं की व्यापक भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि यह यात्रा आने वाले समय में एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकती है, जो धानुक समाज को आत्मसम्मान, अधिकार और विकास के मार्ग पर आगे ले जाएगी।