विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद बिहार में एनडीए की प्रचंड बहुमत वाली सरकार एक बार फिर अस्तित्व में आ चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर कमान संभालते हुए 26 नए मंत्रियों के साथ मंत्रिमंडल का गठन कर दिया है। सरकार बन गई है, विभागों का बंटवारा हो चुका है और अधिकारी अपनी फाइलों के साथ सक्रिय हो चुके हैं। अब सबसे बड़ा सवाल जनता की ओर से उठता है—“सरकार अब हमें क्या देगी? चुनाव में जो वादे किए गए थे, क्या वे पूरे होंगे?”
बिहार की जनता ने नीतीश–मोदी की जोड़ी पर भरोसा जताते हुए 202 सीटों का ऐतिहासिक जनादेश दिया है। एनडीए के साझा घोषणापत्र में अनेक बड़े वादे शामिल थे—रोजगार, महिला सशक्तिकरण, मुफ्त सुविधाएँ, किसान सम्मान, उद्योग, शिक्षा, सड़क–रेल, एयरपोर्ट और पर्यटन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएँ। अब नई सरकार इन्हें लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
यह लेख बिहार की जनता को समझाता है कि आने वाले समय में उन्हें सरकार से क्या-क्या मिलने वाला है, किस योजना का क्या स्वरूप होगा और किन क्षेत्रों में बड़े बदलाव दिखेंगे।
1. रोजगार और नौकरी: युवाओं के लिए सबसे बड़ा भरोसा
बिहार चुनावों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा था—“रोजगार।” इस पर एनडीए ने सबसे बड़ा वादा किया है कि आने वाले वर्षों में 1 करोड़ से अधिक रोजगार और सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रमुख बिंदु:
कौशल आधारित रोजगार के लिए कौश जनगणना की जाएगी।
हर जिले में मेगा स्किल सेंटर खोले जाएंगे, ताकि बिहार को ग्लोबल स्किलिंग हब बनाया जा सके।
आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, कृषि और उद्योग से जुड़े सेक्टर में बड़ी भर्तियाँ होंगी।
यह बिहार के युवाओं के लिए सबसे बड़ी उम्मीद है, क्योंकि राज्य में बेरोजगारी वर्षों से एक बड़ा मुद्दा रही है।
2. महिला सशक्तिकरण: 'लखपति दीदी' से 'मिशन करोड़पति' तक
एनडीए ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को केंद्र में रखते हुए कई घोषणाएँ की हैं।
प्रमुख योजनाएँ:
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता।
एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य।
“मिशन करोड़पति”—चिह्नित महिला उद्यमियों को करोड़पति बनाने की दिशा में विशेष समर्थन।
बिहार में पहले से ही महिला सशक्तिकरण (जैसे पर्चा रजिस्ट्रेशन में 1% शुल्क, आरक्षण आदि) पर काम हो चुका है, यह योजनाएँ इसे और मजबूत करेंगी।
3. अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के सशक्तिकरण पर बड़ा फोकस
घोषणापत्र में सबसे बड़ा सामाजिक परिवर्तनकारी वादा है कि अति पिछड़ी जातियों के पारंपरिक व्यावसायिक समुदायों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रभावित समुदाय:
तांति, ततमा, निषाद, मल्लाह, धानुक, नोनिया, तेली, बढ़ई, लोहार, माली, नाई, कुम्हार, राजबंसी, गड़ेरिया आदि।
साथ ही:
इससे बिहार की सामाजिक संरचना में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
4. कृषि और किसान कल्याण: 9000 रुपये सालाना सहायता
कृषि बिहार की रीढ़ है। सरकार ने किसानों को आर्थिक बल देने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
किसान कल्याण की घोषणाएँ:
कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि, जिसके तहत किसानों को 3000 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे।
पहले से मिलने वाले 6000 रुपये पीएम किसान सम्मान निधि के साथ कुल सहायता 9000 रुपये प्रति वर्ष हो जाएगी।
पंचायत स्तर पर धान, गेहूं, मक्का और दलहन की एमएसएपी पर खरीद।
कृषि अवसंरचना पर 1 लाख करोड़ का निवेश।
यह किसानों को स्थिर आय, बेहतर बाजार और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराएगा।
5. मत्स्य और दुग्ध उत्पादन: आय बढ़ाने का नया मॉडल
बिहार में मत्स्य और दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। नई सरकार ने इसे और आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
प्रमुख पहलें:
जुब्बा सहनी मत्स्य पालक सहायता योजना के तहत 4500 + 4500 = 9000 रुपये सहायता।
दुग्ध मिशन के तहत हर प्रखंड में चिलिंग और प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित होंगे।
निर्यात और उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य।
मत्स्यपालन और दुग्ध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
6. एक्सप्रेसवे, रेल व मेट्रो: कनेक्टिविटी का नया इतिहास
नई सरकार ने परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव का रोडमैप पेश किया है।
प्रमुख योजनाएँ:
7 नए एक्सप्रेसवे—बिहार के विभिन्न हिस्सों को तेज गति से जोड़ेंगे।
3600 किलोमीटर रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण।
अमृत भारत एक्सप्रेस, नमो रैपिड रेल का विस्तार।
4 नए शहरों में मेट्रो—पटना के अलावा दरभंगा, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर संभावित।
बिहार गति शक्ति मास्टर प्लान—सड़क, रेल, नदी, एयरपोर्ट सबको जोड़ेगा।
यह बिहार को भविष्य के आधुनिक विकास की पटरी पर ले जाएगा।
7. शहरी विकास: 'न्यू पटना' और सैटेलाइट टाउनशिप
सरकार ने आधुनिक शहरी विकास के लिए बड़ी घोषणाएँ की हैं।
‘न्यू पटना’—एक ग्रीनफील्ड शहर
प्रमुख शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप
सीतामढ़ी के लिए धार्मिक महत्व वाला सीतापुरम आध्यात्मिक नगरी का विकास
यह बिहार के शहरों को नए युग की ओर ले जाएगा।
8. एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: बिहार से सीधे दुनिया तक
बिहार से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में भी बड़ा निर्णय:
पटना के नजदीक नया ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
10 नए शहरों से घरेलू उड़ानें
इससे निवेश, व्यापार और टूरिज़्म में भारी बढ़ोतरी होगी।
9. औद्योगिक क्रांति गारंटी: 1 लाख करोड़ का निवेश
उद्योग बिहार से लगातार दूर रहे हैं, लेकिन यह घोषणा तस्वीर बदल सकती है।
1 लाख करोड़ के निवेश से औद्योगिक क्रांति
विकसित बिहार इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट मास्टर प्लान
हर जिले में फैक्ट्री और 10 नए औद्योगिक पार्क
युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार
बिहार में पहली बार उद्योग बड़े पैमाने पर आने की उम्मीद बन रही है।
10. गरीबों के लिए पंचामृत गारंटी: पाँच बड़ी सुविधाएँ
गरीब परिवारों के लिए पाँच बड़ी गारंटी:
मुफ्त राशन जारी रहेगा
125 यूनिट मुफ्त बिजली
5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज
50 लाख नए पक्के मकान
सामाजिक सुरक्षा पेंशन
यह गरीबों की जीवन गुणवत्ता में बड़ा सुधार लाएगी।
11. केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा
शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव:
बिहार के लिए यह शिक्षा मॉडल ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
12. गिग वर्कर्स, ऑटो–ई रिक्शा चालकों के लिए सुरक्षा और सम्मान
पहली बार इन वर्गों के लिए इतनी बड़ी घोषणा:
यह असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों लोगों को सुरक्षा देगा।
13. धार्मिक पर्यटन: बिहार को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनाना
रामायण, जैन, बौद्ध और गंगा सर्किट का विकास
विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर
1 लाख ग्रीन होमस्टे
पर्यटन से बिहार की समृद्धि कई गुना बढ़ेगी।
14. पाँच वर्षों में बाढ़ मुक्त बिहार: महत्वाकांक्षी लक्ष्य
बिहार में बाढ़ साल-दर-साल की समस्या रही है।
सरकार ने 5 वर्षों में पूरी तरह बाढ़ मुक्त बिहार बनाने का लक्ष्य रखा है।
यह बिहार की किस्मत बदल सकता है।
बिहार की नई सरकार ने अपने घोषणापत्र में बड़े और परिवर्तनकारी वादे किए हैं। अगर ये योजनाएँ समय पर और सही तरीके से लागू हो गईं, तो आने वाले पाँच वर्षों में बिहार की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है—रोजगार, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सड़क–रेल, एयरपोर्ट और पर्यटन तक, हर क्षेत्र में नई ऊर्जा आ सकती है।
अब जनता की निगाहें सरकार पर हैं—वादों को हकीकत बनाने की जिम्मेदारी नीतीश कुमार और उनकी टीम पर है।
Source : Gaam Ghar News