दरभंगा से विशेष संवाददाता : दरभंगा जिले के छोटाईपट्टी गांव में गुरुवार को अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार प्रदेश अध्यक्ष का चयन और संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी की गई। बैठक राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ० नारायण मंडल की अध्यक्षता में और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह कला-संस्कृति मंत्री एन. मंडल की देखरेख में सम्पन्न हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से नवोदय विद्यालय से सेवानिवृत्त प्राचार्य सियाराम मंडल को अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ, बिहार प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया। उपस्थित प्रतिनिधियों ने तालियों के साथ उनके नाम पर सहमति जताई और उन्हें संगठन का नेतृत्व सौंपा।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि बिहार पूर्व युवा मोर्चा की मौजूदा टीम को फिलहाल यथावत रखा जाएगा। युवा अध्यक्ष राजेश मंडल और उनकी टीम पहले की तरह संगठनात्मक कार्य करते रहेंगे। यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में किसी भी तरह का संगठनात्मक परिवर्तन प्रदेश अध्यक्ष की अनुमति से ही किया जाएगा।
प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के पुनर्गठन की औपचारिक प्रक्रिया भी इसी बैठक में प्रारंभ की गई। सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, बेगूसराय, समस्तीपुर सहित कई जिलों से प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जबकि छपरा और पटना से कुछ सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े। इस व्यापक भागीदारी से संगठन की राज्यव्यापी उपस्थिति और मजबूती सामने आई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ० नारायण मंडल ने कहा कि संगठन सामाजिक एकता, शिक्षा, सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सर्वसम्मति ही संगठन की असली ताकत है।
एन. मंडल ने अपने वक्तव्य में कहा कि महासंघ का लक्ष्य एक संगठित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानित धानुक समाज का निर्माण करना है। उन्होंने युवाओं की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा कि बिहार में संगठन को आगे बढ़ाने में युवाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने नव-निर्वाचित अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि सियाराम मंडल जैसे अनुभवी नेतृत्व से संगठन को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर एन. मंडल ने संगठनात्मक जागरूकता के लिए एक “धानुक एकता थीम सॉन्ग” और “धानुक जोड़ो यात्रा” अभियान गीत का सुझाव भी दिया, जिसे अभियानों में अपनाने पर सहमति बनी।
नव-निर्वाचित अध्यक्ष सियाराम मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि वे संगठन को सेवा, अनुशासन और पारदर्शिता के आधार पर आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक अधिकार और संगठनात्मक विस्तार को अपनी प्राथमिकता बताया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और महिला विंग सहित अन्य पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी, जिसमें सभी जिलों और महिलाओं को समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ० नारायण मंडल, एन. मंडल, सियाराम मंडल, सुभाष मंडल, बैधनाथ मंडल, राजेश मंडल, आदित्य राज, अमित मंडल, पवन मंडल, कृष्णदेव कुमार, प्रशांत कुमार, रामनारायण मंडल सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।
छोटाईपट्टी की यह बैठक संगठन के लिए एक नया अध्याय साबित हुई, जिसने यह स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ बिहार में संगठित, लोकतांत्रिक और सामाजिक चेतना से प्रेरित आंदोलन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
सोर्स : Gaam Ghar