बिहार में एक लापता लड़की के मामले में पुलिस की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पटना के राम कृष्ण नगर थाने में बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने पहुंची एक महिला से पुलिसकर्मियों ने संवेदनहीन भाषा का इस्तेमाल किया। मामला तब तूल पकड़ा जब राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी Sunil Kumar Singh ने इसे विधान परिषद में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय कहा कि लड़की “मजा लेने गई है, एक-दो महीने में लौट आएगी।”
सदन में यह मुद्दा उठते ही विपक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने भी इस भाषा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लापता बच्चियों के मामलों में इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है। उन्होंने पुलिस थानों में पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद बिहार के पुलिस महानिदेशक Vinay Kumar ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यदि कोई अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। डीजीपी ने सभी पुलिसकर्मियों को पीड़ितों के साथ संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार करने के निर्देश भी दिए हैं।
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।