📍 बिहार
राज्य के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को विधानसभा में अपनी सरकार के पक्ष में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करेंगे। उन्होंने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और वे बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। सबसे पहले विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार सदन को संबोधित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक पंक्ति का प्रस्ताव पेश करेंगे—“यह सभा वर्तमान राज्य मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है।” प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सदन में इसे पारित कराया जाएगा।
संख्याबल के लिहाज से सत्तारूढ़ एनडीए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है। राजग के पांच घटक दलों के कुल 201 विधायक हैं, जबकि विपक्ष के पास केवल 41 सदस्य हैं। ऐसे में विश्वास मत के लिए औपचारिक मतदान की संभावना कम मानी जा रही है और ध्वनि मत से ही सरकार को समर्थन मिल सकता है।
विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री सदन को संबोधित करेंगे और सरकार की आगामी नीतियों और योजनाओं की रूपरेखा पेश करेंगे। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा ज्यादा उत्सवी माहौल बनाने से बच रही है।
बताया जा रहा है कि भाजपा ने इस बार व्हीप भी जारी नहीं किया है, जो आमतौर पर ऐसे मौकों पर जारी किया जाता है। इसका एक कारण यह भी है कि पार्टी के 40 से अधिक विधायक फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनावी व्यस्तताओं में लगे हुए हैं। उन्हें जरूरत पड़ने पर फोन के जरिए बुलाया गया है।
विधानसभा में दलगत स्थिति
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भाजपा: 88
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जदयू: 85
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लोजपा (रा): 19
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हम: 05
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रालोमो: 04
👉 कुल (एनडीए): 201
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राजद: 25
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कांग्रेस: 06
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एआईएमआईएम: 05
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वामदल: 03
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आईपीपी: 01
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बसपा: 01
👉 कुल (विपक्ष): 41
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, संख्या बल को देखते हुए सरकार का विश्वास मत आसानी से पारित होना लगभग तय माना जा रहा है।
EXPOSE BIHAR DESK