बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत निगरानी विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। रोहतास जिले में नल-जल योजना के भुगतान के बदले 12 हजार रुपये रिश्वत लेते एक पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
मामला रोहतास जिले के करगहर प्रखंड स्थित ठोरसन पंचायत का है। यहां के पंचायत सचिव ऋतु रंजन पंडित पर आरोप है कि उन्होंने वार्ड सदस्य धर्मेंद्र कुमार पटेल से नल-जल योजना के तहत अनुरक्षक के दो वर्षों के बकाया भुगतान के एवज में 12 हजार रुपये की मांग की थी। वार्ड सदस्य ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की।
शिकायत की पुष्टि के बाद निगरानी विभाग ने ट्रैप टीम गठित कर करगहर प्रखंड के सीढ़ी गांव में जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही पंचायत सचिव ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की गई।
विजिलेंस की डीएसपी रीता कुमारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की घूसखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगरानी विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अवैध रूप से पैसे की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत दें, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।