बिहार के खेल इतिहास में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। नालंदा जिले के राजगीर में बना बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भव्य स्टेडियम को भविष्य में आईपीएल और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए तैयार किया गया है। इससे बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
अब तक पटना का मोइनुल हक स्टेडियम ही बिहार में अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त मैदान था, लेकिन वहां बहुत कम बड़े मुकाबले हो सके। राजगीर में बने इस नए स्टेडियम से राज्य में क्रिकेट के विकास को नई दिशा मिलेगी। सरकार की योजना है कि 2027 से यहां आईपीएल मैचों की शुरुआत हो और इसके बाद टी-20, वनडे और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी आयोजित किए जाएं।
करीब 90 एकड़ में फैला यह स्टेडियम एक साथ लगभग 45 हजार दर्शकों की क्षमता रखता है। पांच मंजिला पवेलियन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, जिम और मेडिकल सुविधा, जबकि दर्शकों के लिए आरामदायक सीटिंग, फूड कोर्ट और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मैदान में बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम है, ताकि बारिश के बाद भी खेल जल्द शुरू हो सके। इसका डिजाइन ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की तर्ज पर किया गया है।
स्टेडियम में कुल 13 पिचें बनाई गई हैं। इनमें 7 पिचें मोकामा की काली मिट्टी से और 6 पिचें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी से तैयार की गई हैं, जिससे तेज और स्पिन दोनों गेंदबाजों को मदद मिलेगी। डे-नाइट मैचों के लिए चार हाई मास्ट फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं।
इसी साल राज्य सरकार यह स्टेडियम बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को सौंपेगी। इसके बाद यहां रणजी ट्रॉफी, अंडर-19, महिला क्रिकेट और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट होंगे। इससे बिहार के युवाओं को अपने राज्य में ही बड़े मंच पर खेलने का मौका मिलेगा और खेल के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।