समस्तीपुर में साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 19 संदिग्ध खाताधारकों को पुलिस का नोटिस

Date: 2026-03-28
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समस्तीपुर: जिले में साइबर फ्रॉड से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां करीब 19 बैंक खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी के लिए किया जा रहा था। साइबर थाने की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये खाते म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किए जा रहे थे।

साइबर पुलिस के अनुसार, विभिन्न राज्यों में हुई ऑनलाइन ठगी के मामलों में जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, उनमें कई खाते समस्तीपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े पाए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने इन खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने स्थानीय लोगों से संपर्क कर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया। कुछ लोगों को इसके बदले कमीशन का लालच दिया गया, जबकि कुछ खाताधारकों को यह भी नहीं पता था कि उनके खाते का उपयोग अवैध लेनदेन में हो रहा है।

तकनीकी जांच और छापेमारी जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य राज्यों में भी छापेमारी की जा रही है, ताकि गिरोह के मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

DSP का बयान
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने बताया कि जल्द ही इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। संदिग्ध खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ की जा रही है। यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि विभाग को कुल 45 बैंक खातों का विवरण मिला था, जिसमें से सत्यापन के बाद 19 खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।

लोगों से अपील
साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी की जानकारी न दें। किसी भी लालच में आकर अपने खाते का उपयोग दूसरों को न करने दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

साथ ही, साइबर ठगी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

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