मंच, माइक और माला: बीवी-बेटा के बाद अब बहू भी राजनीति में?

Date: 2026-02-03
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बिहार की राजनीति में एक बार फिर परिवारवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा, जो कभी विधानसभा चुनाव तक परिवार को राजनीति से दूर रखने की बात करते थे, अब खुद अपने परिवार के सदस्यों को आगे ला चुके हैं। पत्नी स्नेहलता कुशवाहा विधायक हैं और बेटे दीपक प्रकाश राज्य सरकार में मंत्री हैं। अब उनकी बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा की भी राजनीति में एंट्री को लेकर अटकलें लगने लगी हैं।

हालांकि फिलहाल कोई चुनावी मैदान सामने नहीं है, लेकिन जिस तरह से साक्षी मिश्रा सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रही हैं, उससे उनके राजनीतिक भविष्य की चर्चा तेज हो गई है। साक्षी पहली बार तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने अपनी सास स्नेहलता कुशवाहा के लिए सासाराम सीट से प्रचार किया। इसके बाद मंत्री बनने के बाद दीपक प्रकाश के साथ वे लगातार सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों में दिखाई देने लगीं।

हाल ही में दही-चूड़ा कार्यक्रम में साक्षी मंच पर माला और माइक के साथ सहज नजर आईं। पार्टी दफ्तर में लाल बहादुर शास्त्री और ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में भी उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के उपेंद्र कुशवाहा के आवास दौरे के दौरान भी साक्षी सक्रिय दिखीं।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि कुशवाहा परिवार अपने भविष्य को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। एक ओर उपेंद्र कुशवाहा का राज्यसभा कार्यकाल समाप्ति के करीब है, तो दूसरी ओर बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बने रहने के लिए सदन का सदस्य बनना होगा।

ऐसे में अगर साक्षी मिश्रा कुशवाहा राजनीति में उतरती हैं, तो बिहार की परिवारवादी राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ सकता है। उनकी बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी से यह साफ है कि कुशवाहा परिवार की सियासत अब सिर्फ दो नहीं, तीन पीढ़ियों तक फैलने की ओर बढ़ रही है।

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