केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार की उम्मीदें — इंडस्ट्री, कर्ज़ राहत और एक्सप्रेस वे पर नजर

Date: 2026-02-01
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। इस बार बिहार की नजरें बजट पर खास तौर से टिकी हैं। 2010 के बाद पहली बार राज्य में NDA को 200 से ज्यादा सीटें (202) मिली हैं, ऐसे में बिहार को केंद्र से बड़े विकासात्मक पैकेज और घोषणाओं की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य दोहरा रहे हैं। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार केंद्र से इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में विशेष मदद की मांग कर रही है। सरकार चाहती है कि बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योग लगें और एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, हाईवे और रेलवे जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाओं की घोषणा हो।

बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने केंद्र से ‘पूंजीगत व्यय’ के लिए मिलने वाले 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण की सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे राज्य को बड़े पुल, सड़क और बिजली परियोजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी। फिलहाल बिहार अपनी GSDP का करीब 3% तक कर्ज ले सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 5% करने की मांग की है ताकि विकास कार्यों के लिए ज्यादा संसाधन मिल सकें।

बिहार सरकार करीब ₹80 हजार करोड़ का कर्ज लेने की योजना बना रही है। पहले यह आंकड़ा ₹1 लाख करोड़ तक जाने की संभावना थी, लेकिन राजकोषीय घाटा बढ़ने के डर से इसे सीमित रखने का फैसला लिया गया है। इसके बावजूद घाटा 3% की सीमा के आसपास पहुंच सकता है।

राज्य सरकार का फोकस इंडस्ट्री और कृषि दोनों पर है। बिहार में जल संसाधन और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता को देखते हुए केंद्र से नई इंडस्ट्री लगाने के लिए अलग पैकेज की मांग की गई है। साथ ही, खेती को आधुनिक बनाने के लिए AI, ड्रोन और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों पर आधारित योजनाओं की भी उम्मीद है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि बजट में बिहार को कितनी बड़ी सौगात मिलती है।

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