समस्तीपुर में गुरुवार को आम हड़ताल के समर्थन में सैकड़ों सरकारी एवं संविदा कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च महासंघ स्थल से शुरू होकर सदर अस्पताल, सीएस कार्यालय होते हुए कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ के जिला मंत्री राजीव रंजन, बीएमओए के जिला मंत्री पवन कुमार यादव, भूमि सुधार विभाग के जिला मंत्री महेंद्र पंडित, महामंत्री राम कुमार झा, आशा संघ की जिला मंत्री सुनीता प्रसाद, कूरियर संघ के जिला मंत्री दिलीप कुमार और पंचायत सचिव संघ के सहायक जिला मंत्री राम नरेश दास संयुक्त रूप से कर रहे थे। मार्च में राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव, अनुसचिवीय कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, आशा, ममता और कूरियर कर्मियों की बड़ी भागीदारी देखी गई।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी प्रमुख मांगों में चार लेबर कोड वापस लेने, पीएफआरडीए बिल रद्द करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने, आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट समय पर लागू करने और रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति शामिल हैं। साथ ही 18 माह के बकाया महंगाई भत्ता के भुगतान, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक तथा कच्चे कर्मियों को नियमित करने की भी मांग उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए जिला मंत्री राजीव रंजन ने कहा कि 20 से 26 जनवरी 2026 तक शिरडी में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित प्रस्तावों के आलोक में देशभर में यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिक विरोधी नीतियों के माध्यम से कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।
प्रदर्शन में महासंघ की राष्ट्रीय नेत्री बिंदु कुमारी सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।