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बिहार के मोतिहारी जिले में पुलिस ने फर्जी STF बनकर लूट और ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। इस कार्रवाई में बर्खास्त सिपाही समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह में दो सेवानिवृत्त होमगार्ड जवान भी शामिल पाए गए हैं।
मुफस्सिल थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में सदर-2 डीएसपी जितेश पाण्डेय ने बताया कि पुलिस ने आरोपितों के पास से 1.81 लाख रुपये नकद, चार सेट पुलिस वर्दी, पुलिस आई-कार्ड, बेल्ट, टोपी, स्टिक, पुलिस बोर्ड सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा एक स्कॉर्पियो, दो बोलेरो और एक बाइक भी जब्त की गई है।
गिरोह का मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही लाल बहादुर राम है, जो सीवान जिले के रघुनाथपुर का निवासी है। उसे वर्ष 2022 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह “नोट डबलिंग” का झांसा देकर लोगों को फंसाता था। पीड़ितों को एक लाख के बदले तीन लाख रुपये देने का लालच देकर सुनसान जगह बुलाया जाता था। वहां पहुंचते ही आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर फर्जी छापेमारी करते थे, जिससे लोग उन्हें असली STF समझकर डर जाते और अपने पैसे छोड़कर भाग जाते थे।
यह गिरोह पूर्वी चंपारण के रक्सौल, मुफस्सिल, कोटवा, पिपरा और हरसिद्धि के साथ-साथ हाजीपुर और किशनगंज में भी सक्रिय था। हाल ही में इस गिरोह ने मुफस्सिल इलाके में एक व्यक्ति से 3.20 लाख रुपये की ठगी की थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड लाल बहादुर राम चुनाव ड्यूटी के दौरान संपर्क में आए होमगार्ड जवानों को रिटायरमेंट के बाद गिरोह में शामिल करता था और हर फर्जी छापेमारी के लिए उन्हें 1500 रुपये देता था।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा की गई अन्य वारदातों की जांच में जुटी हुई है।
EXPOSE BIHAR DESK