मऊ/अयोध्या: UP Officers Resign Row: शंकराचार्य के कथित अपमान और UGC के नए नियमों पर मचे बवाल के बीच मंगलवार को UP में इस्तीफा VS इस्तीफा का मामला सामने आया. सोमवार को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे से शुरू हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं था कि मंगलवार को अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. दोनों अधिकारियों के इस्तीफे से नया सियासी बखेड़ा शुरू हो गया है. यह बवाल कहां थमेगा अभी इसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देने वाले जीएसटी अधिकारी से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई है.
मऊ में जन्म, बनारस से प्राप्त की उच्च शिक्षा
सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा देने वाले जीएसटी अधिकारी प्रशांत कुमार, पुत्र त्रिपुरारी सिंह, का जन्म 28 अक्टूबर 1978 को मऊ जनपद के सरवां गांव में हुआ. प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने जीवन राम इंटर कॉलेज से हाई स्कूल तक पूरी की. इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई विद्युत परिषद स्कूल, टांडा से की. उच्च शिक्षा के लिए वह वाराणसी गए, जहां उदय प्रताप महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की.
2008-13 तक चलाया कोचिंग संस्थान
आगे चलकर आजमगढ़ से एलएलबी (सिविल) की पढ़ाई पूरी की. प्रशासनिक सेवा में उनका चयन वर्ष 2013 में हुआ और डिप्टी कमिश्नर के पद पर उनकी पहली तैनाती सहारनपुर में रही. शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है. पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2008 में उन्होंने मऊ जिले के निजामुद्दीनपुरा क्षेत्र में कोचिंग संस्थान की शुरुआत की, जो 2013 तक सफलतापूर्वक संचालित हुआ. छात्र जीवन से ही वह बच्चों को पढ़ाने और समाजसेवा से जुड़े रहे. राजनीतिक क्षेत्र में भी प्रशांत कुमार की सक्रियता रही है.
अमर सिंह की पार्टी से जुड़े, जिलाध्यक्ष भी रहे
कोचिंग संचालन के दौरान प्रशांत सिंह अमर सिंह की पार्टी से जुड़े और राष्ट्रीय लोक मंच पार्टी के गठन (2010–11) के समय जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई. अमर सिंह के करीबी माने जाने वाले प्रशांत कुमार 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट के लिए भी प्रयासरत रहे. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली.