विभूतिपुर थाना द्वारा अधिवक्ता रंजीत कुमार पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे के विरोध में आज प्रातः 11:00 बजे अधिवक्ता संघ के आह्वान पर, भारत का छात्र फेडरेशन के समर्थन से, विभूतिपुर थाना परिसर में शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ। धरना के उपरांत यह एक छोटी सभा में परिवर्तित हो गया, जिसमें वक्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सभा की अध्यक्षता इन्द्रदेव प्रसाद सिंह ने की।
धरना का नेतृत्व अधिवक्ता चंदन कुमार ने किया।
भारत का छात्र फेडरेशन की ओर से आंदोलन का नेतृत्व छात्र नेता केशव झा ने किया।
अपने संबोधन में छात्र नेता केशव झा ने कहा कि किसी भी निर्दोष अधिवक्ता पर झूठा मुकदमा दर्ज करना न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र समाज न्याय के प्रश्न पर अधिवक्ता समाज के साथ खड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर अधिवक्ता बैजनाथ कुमार, अधिवक्ता सूरज कुमार, सुबोध कुमार झा (राष्ट्रीय प्रवक्ता, भारतीय महासंघ पार्टी), अधिवक्ता घनश्याम कुमार, अधिवक्ता सुनील कुमार, अधिवक्ता दीपक कुमार, अधिवक्ता आशा कुमारी, अधिवक्ता संगीता कुमारी, अधिवक्ता राकेश कुमार, अधिवक्ता संजीव कुमार तथा अधिवक्ता सत्येन्द्र पाल उपस्थित रहे।
साथ ही छात्र नेता प्रिंस कुमार, छात्र नेता सोनू कुमार एवं छात्र नेता विनीत कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
धरना के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा विभूतिपुर के थानाध्यक्ष को 7 दिनों का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समयावधि के भीतर कथित झूठा मुकदमा वापस नहीं लिया जाता है और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है, तो अधिवक्ता संघ एवं समर्थित संगठन आगे की वैधानिक एवं लोकतांत्रिक कार्रवाई करेंगे तथा इस मामले को पुलिस अधीक्षक स्तर तक ले जाया जाएगा।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि न्याय के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।