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समस्तीपुर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पुलिस मुख्यालय ने जिले के उजियारपुर, कल्याणपुर और विभूतिपुर थाना को इंस्पेक्टर थाना का दर्जा दिया है। अब इन थानों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की ही पदस्थापना थानाध्यक्ष के रूप में की जाएगी।
अब तक जिले में नगर, मुफस्सिल, दलसिंहसराय, रोसड़ा और पटोरी थाना में ही इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में तैनात किए जाते थे। लेकिन बढ़ते आपराधिक मामलों और अनुसंधान के बढ़ते दबाव को देखते हुए इन तीन महत्वपूर्ण थानों को भी इंस्पेक्टर थाना की श्रेणी में शामिल किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर रैंक के थानाध्यक्ष संबंधित थाना क्षेत्र के अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। वे विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी और अनुसंधान का पर्यवेक्षण भी करेंगे।
प्रत्येक इंस्पेक्टर थाना में दो सहायक पुलिस निरीक्षक (एसआई) को अपर थानाध्यक्ष के रूप में तैनात किया जाएगा। इनमें एक अधिकारी विधि-व्यवस्था और क्षेत्रीय पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि दूसरे अधिकारी अनुसंधान और केस मॉनिटरिंग का कार्य देखेंगे। इससे कार्यों का बेहतर विभाजन होगा और पुलिसिंग व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह के अनुसार जिन थानों में सालाना लगभग 350 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हो रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इंस्पेक्टर थाना का दर्जा दिया गया है। उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था से अपराध नियंत्रण, मामलों के त्वरित अनुसंधान और आम लोगों को बेहतर पुलिसिंग सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही थानों की जवाबदेही बढ़ेगी और पुलिस-जन संवाद को भी नई मजबूती मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, पूरे बिहार में कुल 425 थानों को इंस्पेक्टर थाना के रूप में विकसित किया गया है, जिनमें समस्तीपुर जिले के ये तीन थाने भी शामिल हैं।
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